About
चिन्मयी त्रिपाठी और जोएल मुखर्जी दोनों गायक-संगीतकार हैं जिन्होंने मिलकर काव्याराग की स्थापना की—एक अनोखा प्रयास जो कालजयी भारतीय कविता को समकालीन संगीत से जोड़ता है। अपनी आत्मीय रचनाओं और प्रस्तुतियों के माध्यम से वे कबीर, हरिवंश राय बच्चन, महादेवी वर्मा और अनेक अन्य महान कवियों की रचनाओं को जीवंत करते हैं, ताकि वे आज की पीढ़ी के साथ भी गहराई से जुड़ सकें।
काव्याराग केवल संगीत नहीं है—यह भारत की काव्य परंपरा का उत्सव है। यह आंदोलन शास्त्रीय और आधुनिक कविता को धुनों, कहानी कहने की शैली और लाइव प्रस्तुतियों के ज़रिए पुनर्जीवित करता है, जो परंपरा और आधुनिकता के बीच सेतु का काम करता है।चिन्मयी की स्वरचित कविताओं की दो किताबें प्रकाशित हैं, इसके अलावा इन दोनों के कई गीत फ़िल्म- ओटी टी शोज़ में भी शामिल किये गए हैं।